अनुच्छेद 370 को खत्म करने के आंदोलन का भागीदार बनना मेरे लिए गौरव की बात है :डॉक्टर पवन सैनी


जम्मू कश्मीर के लाल चौक फहराने पहुंचे थे तिरंगा झंडा, जम्मू से उधमपुर पहुंचने पर हुई थी गिरफ्तारी, 1990 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शुरू किया था कश्मीर बचाओ अभियान,शहीदों की प्रतिमा पर किया था आपने खून से तिलक_ ,29 साल की टिस को खत्म करने पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह का किया धन्यवाद 

कुरुक्षेत्र 17 अगस्त (सतीश भारद्वाज) लाडवा विधायक डॉक्टर पवन सैनी ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने से देश के कई महान नेताओं को सच्ची श्रद्धांजलि है सरदार पटेल, जो देश की एकता के लिए समर्पित थे; बाबासाहेब अम्बेडकर, जिनके विचार सर्वविदित हैं; डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
लाडवा विधायक डॉक्टर पवन सैनी ने कहा कि अनुच्छेद 370 को खत्म करने के लिए जो आंदोलन हुआ उसने अपनी भागीदारी को देखकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। विधायक पवन सैनी ने बताया कि 1987 -88 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के चुनाव में उनको चुना गया गया था । वह उस समय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश सह मंत्री थे। उस समय कश्मीर बचाओ अभियान की शुरुआत की गई थी उन्होंने हरियाणा प्रदेश के प्रत्येक जिले में जन जागरण अभियान शुरू किया नुक्कड़ सभाएं करके लोगों को जागरूक किया। 1990 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी फैसला लिया कि देशभर से करीब 10 हजार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य इस बार जम्मू कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा झंडा फहराएंगे।  करीब 11 सितंबर को देशभर से 10 हजार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र-छात्राएं लाल चौक पर झंडा फहराने के लिए निकल पड़े थे ।
विधायक सैनी ने बताया कि जब वह है जम्मू से उधमपुर के रास्ते से लाल चौक पर जा रहे थे तो वहां पर सेना व पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया और जेलों में डाल दिया। कई घंटों की गिरफ्तारी के बाद उनको रिहा कर दिया गया उस समय वहां के गवर्नर ग्रीस सक्सेना थे उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों से बातचीत करके बताया कि अगर वह लाल चौक पर झंडा फहराने के लिए जाते हैं तो उन्होंने बॉर्डर से सेना हटानी पड़ेगी और बॉर्डर से सेना हटने पर कोई भी आतंकी घटना देश में हो सकती है। इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने दिल्ली के लिए कुच किया और प्रधानमंत्री वीपी सिंह को तिरंगा झंडा देकर आए थे ताकि लाल चौक पर फहराया जा सके। इसी आंदोलन की कड़ी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने यह निर्णय लिया कि वह शहीदों की प्रतिमाओं पर अपने खून से तिलक करेंगे।  उनका यह सौभाग्य था कि उनको हिसार में लाला लाजपत राय की प्रतिमा पर अपने खून से तिलक करने का सौभाग्य मिला। उस समय यह नारा दिया कि कश्मीर हो या गोहाटी - अपना देश अपनी माटी।  विधायक पवन सैनी 1992 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में एकता यात्रा निकाली गई जिसमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुरली मनोहर जोशी के सारथी का काम किया। ये यात्रा कन्याकुमारी से प्रारंभ की गई थी, पूरे देश में 30-35 हजार किलोमीटर की यात्रा करते हुए लोग वहां पहुंचे थे। यात्रा का पूरा प्रबंधन नरेंद्र मोदी के हाथ में था।  आतंकवादियों की चेतावनी के बीच इस दहशत के माहौल में 26 जनवरी 1992 को श्रीनगर के लाल चौक पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वह उस समय भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने भारत का झंडा फहराकर एक नया इतिहास रचने का काम किया। उन्होंने बताया कि जिस उद्देश्य के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपना बलिदान दिया उस उद्देश्य को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमित शाह ने पूरा किया। विधायक पवन सैनी ने उनकी 29 साल की टिस को खत्म करने पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह का किया धन्यवाद किया।

SHARE THIS

Author:

Print Hindi Magazine and Online News

Previous Post
Next Post