BREAKING NEWS

Wednesday

प्राणियों के कल्याण के लिए पृथ्वी पर बार-बार परमात्मा का अतवरण हुआ : आचार्य श्याम भाई।


                                                भागवत कथा के श्रवण से होती है मोक्ष की प्राप्ति।

कुरुक्षेत्र ,वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक : - गीता जयंती महोत्सव के अवसर पर जयराम विद्यापीठ में भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी के सान्निध्य में आयोजित भागवत पुराण की कथा के दूसरे दिन हरियाणा के पूर्व मुख्यमन्त्री एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा भी पहुंचे। इस मौके पर उनके साथ राज्य के पूर्व मन्त्री अशोक अरोड़ा, पूर्व विधानसभा स्पीकर कुलदीप शर्मा, लाड़वा के विधायक मेवा सिंह व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनदीप सिंह चट्ठा भी कथा में पहुंचे। पूर्व मुख्यमन्त्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने व्यासपीठ पर भागवत पुराण की पूजा अर्चना की और नमन किया। इस मौके पर परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने हुड्डा का सम्मान करते हुए उन्हें विद्यापीठ की ओर से शाल भेंट की। दूसरे दिन की कथा में व्यासपीठ से भागवत भास्कर आचार्य श्याम भाई ठाकर ने कहा कि पृथ्वी पर प्राणियों के कल्याण के लिए परमात्मा का बार-बार अतवरण होता है, उनकी लीलाएं होती है और गुणगान करते हुए कर्मधर्म के साथ ही महायज्ञ होते हैं। परमात्मा प्राणियों के प्रेम बंधन में बंधकर उनकी करुण पुकार को जरूर सुनते हैं। उन्होंने भागवत पुराण का महात्म्य सुनाते हुए कहा कि जब भी परमात्मा का इस पृथ्वी पर अवतरण होता है या परमात्मा स्वयं आकर यहां पर तरह-तरह की लीलाएं करते हैं तो देवतागण भी पृथ्वी पर जन्म लेने के लिए लालायित रहते हैं। आचार्य ठाकर ने कहाकि भागवत पुराण कथा को श्रवण करने वाले भक्त निश्चित रूप से मोक्ष को प्राप्त कर लेते हैं। जिस प्रकार राजा परीक्षित श्राप से मुक्त हो गए, अनेकानेक राक्षस और पापी भी उस परमात्मा की कृपा से मुक्ति पा गए, ऐसे सभी पुराणों और ग्रंथों में महापुराण की संज्ञा पाने वाला श्रीमद्भागवत पुराण है। जिसकी कथाओं का श्रवण करने के लिए इतने बड़े-बड़े आयोजन किए जाते हैं। कथावाचक ने कहाकि भक्तों के मन की वांछित कल्पनाओं से परे हटकर पुण्य फल प्रदान करने वाला यह महात्म्य होता है। वास्तव में श्रोता ही भागवत कथा के प्राण हैं। जिसके कल्याण के लिए इस प्रकार के अनुष्ठान किए जाते हैं। इसी के साथ आचार्य ठाकर ने सहयोग तथा कल्याण की भावना पर चर्चा करते हुए कहाकि सक्षम लोगों को अपनी संपत्ति का कुछ भाग सस्नेह समाज को समर्पण करना चाहिए। हम अस्पताल नहीं बना सकते, किसी को दवा तो दे सकते हैं। विद्यालय नहीं बना सकते लेकिन स्कूल की फीस तो दे सकते हैं। अन्नक्षेत्र नहीं खोल सकते क्या हुआ भूखे को भोजन तो अवश्य करा सकते है। यह सब यज्ञ के समान है। इस अवसर पर कथा में राजेंद्र सिंघल, के के कौशिक, वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक , श्रवण गुप्ता, के के गर्ग, जयपाल पंचाल, विनोद गर्ग, कुलवन्त सैनी, टेक सिंह लौहार माजरा, पवन गर्ग, खरैती लाल सिंगला, के सी रंगा, हरि सिंह, जे डी भारद्वाज, संतोष कोकिला, लक्ष्मीकांत शर्मा, पृथ्वी सिंह तुर्क, दर्शन खन्ना, राजेश सिंगला, डी के गुप्ता, ईश्वर गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, सुभाष गुप्ता, अनिल कुमार, सुनील गुप्ता, सुनील गर्ग, संजीव गर्ग, अशोक गर्ग, राजेन्द्र सिंगला, सुरेश गुप्ता, सुनील गौरी, संजय गोयल, सुमिन्दर शास्त्री, प्रवेश राणा, यशपाल राणा, जयराम शिक्षण संस्थान के निदेशक एस एन गुप्ता, जयराम पब्लिक स्कूल की प्राचार्या अंजू अग्रवाल, जयराम बी एड कालेज की प्राचार्या प्रतिभा श्योकंद, जयराम महिला महाविद्यालय की प्राचार्या पूनम चौधरी, महिला मंडल की संगीता शर्मा व संतोष यादव, रणबीर भारद्वाज, आचार्य राजेश लेखवार, सतबीर कौशिक, रोहित कौशिक इत्यादि भी मौजूद थे।बॉक्स जयराम विद्यापीठ से पूर्व मुख्य मन्त्री का लगावभागवत कथा के अवसर पर पहुंचे पूर्व मुख्य मन्त्री भूपेन्द्र हुड्डा ने कहाकि हरिद्वार में गंगा में डूबते हुए जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने ही उन्हें बचाया था। उनका जीवन जयराम आश्रम का ही दिया हुआ है, जिसके लिए वे सदा आभारी हैं और उनका जयराम विद्यापीठ से विशेष लगाव है।  

जयराम विद्यापीठ में भागवत कथा में पहुंचे पूर्व मुख्यमन्त्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा तथा भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी एवं कथावाचक भागवत भास्कर आचार्य श्याम भाई ठाकर व अन्य। कथा स्थल पर भागवत पुराण पूजन करते हुए पूर्व मुख्यमन्त्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा तथा परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी एवं अन्य। कथा में उपस्थिति। 

Share this:

 
Copyright © 2020 Discovery Times. Designed by OddThemes