हर मनुष्य को समर्पण के साथ सदा भगवान से जुड़े रहना चाहिए : आचार्य श्याम भाई ठाकर। - Discovery Times

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Monday, 2 December 2019

हर मनुष्य को समर्पण के साथ सदा भगवान से जुड़े रहना चाहिए : आचार्य श्याम भाई ठाकर।




  
जयराम विद्यापीठ में गीता जयंती के उपलक्ष्य में प्रारम्भ हुई भागवत कथा। 
भागवत कथा के शुभारम्भ से पूर्व निकली भव्य शोभा यात्रा। 
भागवत कथा के पहले दिन पहुंचे अनेकों संत महापुरुष।
भागवत कथा के पहले दिन उमड़े भारी संख्या में श्रद्धालु।

कुरुक्षेत्र ( वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक ) : - ब्रह्मसरोवर के तट पर जयराम विद्यापीठ में गीता जयंती महोत्सव 2019 के उपलक्ष्य में भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी के सान्निध्य में भागवत पुराण की कथा प्रारम्भ हुई। कथा के पहले दिन महामंडलेश्वर डा. स्वामी शाश्वतानंद, भारत माता मन्दिर के महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद, महंत बुध सिंह निर्मल अखाड़ा तथा महंत ब्रह्म दास सहित अनेकों संत महापुरुष विद्यापीठ में पहुंचे। कथा श्रवण करने थानेसर के विधायक सुभाष सुधा, पूर्व मन्त्री अशोक अरोड़ा, देवेन्द्र शर्मा, पूर्व विधायक रमेश गुप्ता, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामन्त्री पवन गर्ग,षड्दर्शन साधु समाज हरियाणा के प्रेस सचिव वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक भी पहुंचे। कथा से पूर्व दक्षिणमुखी हनुमान मन्दिर से विद्यापीठ तक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा में परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी के साथ विख्यात कथावाचक भागवत भास्कर आचार्य श्याम भाई ठाकर, भागवत कथा यजमान नरेला से नरेन्द्र कृष्ण शर्मा, सुनीता शर्मा, अनीता शर्मा, आकाश शर्मा, नितिन शर्मा तथा उनके परिजन भी मौजूद थे। शोभा यात्रा में एनसीसी बैण्ड तथा नगर के प्रमुख बैण्डों ने सिर पर पवित्र कलश धारण किये महिलाओं का नेतृत्व किया। यजमान परिवार द्वारा भागवत पुराण को सिर पर धारण कर कथास्थल तक पहुंचाया गया। इस के उपरांत परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी, कथावाचक आचार्य श्याम भाई ठाकर तथा यजमान परिवार द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ व्यासपीठ पर भागवत पुराण को स्थापित किया गया। पहले दिन की कथा में आचार्य श्याम भाई ठाकर ने कहाकि हर मनुष्य को सदा समर्पण के साथ भगवान से जुड़े रहना चाहिए न केवल खुद बल्कि अपने परिजनों को भी जोड़े रखना चाहिए। भगवान की मदद से हर काम आसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि भगवान की नजर यदि प्राणी पर नहीं है, तो छोटा सा भी काम भी पहाड़ दिखाई पड़ने लगता है, ऐसा भी नहीं है कि मनुष्य के जीवन में कोई दुख नहीं आएंगे जो आपके भाग्य में लिखा है। वो तो होकर ही रहेगा, लेकिन इन दुखों से लड़ना भगवान आसान कर देता है। आचार्य ठाकर ने कथा में कहा कि हम सभी के जीवन से मुस्कान दूर होती जा रही है, जो समाज के लिए चिंता का भी विषय है। मनुष्य के जीवन की एक मुस्कराहट कई काम आसान करा देती है। उन्होंने कहा कि जीवन में अपने परिवार में किसी भी प्रकार की अनैतिक कार्य की कमाई को नहीं आने दे यदि आप अपने जीवन में अनैतिक कमाई के प्रवेश को रोकने में सफल रह पाते हैं, तो आपका जीवन सुखमय रहेगा, उन्होंने उपस्थित जनसमूह से भागवत कथा से जुड़े रहने के लिए कहा। पहले दिन की कथा के समापन पर यजमान परिवार ने भागवत आरती के उपरांत प्रसाद वितरण किया। कथा में संजय गर्ग, सुशील जैन, राकेश गुप्ता, पवन गर्ग, राजेंद्र सिंघल, के के कौशिक, श्रवण गुप्ता, कुलवन्त सैनी, टेक सिंह लौहार माजरा, खरैती लाल सिंगला, के सी रंगा, हरि सिंह, सतीश गर्ग पार्षद, दीपक सिडाना पार्षद, विपिन गर्ग, जे डी भारद्वाज, संतोष कोकिला, लक्ष्मीकांत शर्मा, पृथ्वी सिंह तुर्क, दर्शन खन्ना, राजेश सिंगला, डी के गुप्ता, ईश्वर गुप्ता, सुरेंद्र गुप्ता, सुभाष गुप्ता, अनिल कुमार, सुनील गुप्ता, के के गर्ग, संजीव गर्ग, अशोक गर्ग, राजेन्द्र सिंगला, सुरेश गुप्ता, सुनील गौरी, संजय गोयल, शुमिंद्र शास्त्री, प्रवेश राणा, यशपाल राणा, जयराम शिक्षण संस्थान के निदेशक एस एन गुप्ता, जयराम पब्लिक स्कूल की प्राचार्या अंजू अग्रवाल, जयराम बी एड कालेज की प्राचार्या प्रतिभा श्योकंद, जयराम महिला महाविद्यालय की प्राचार्या पूनम चौधरी, महिला मंडल की संगीता शर्मा व संतोष यादव, रणबीर भारद्वाज, राजेश लेखवार शास्त्री, सतबीर कौशिक, रोहित कौशिक इत्यादि भी मौजूद थे।

जयराम विद्यापीठ में भागवत कथा के शुभारम्भ से पूर्व भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी तथा कथावाचक भागवत भास्कर आचार्य श्याम भाई ठाकर व अन्य। कथा स्थल पर भागवत पुराण पूजन करते हुए परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी तथा यजमान परिवार। कथा के शुभारम्भ से पूर्व आशीर्वचन देते हुए परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी, संत महापुरुष तथा उपस्थिति।