कृषि कानूनों को लेकर बेवजह कर रहे है किसानों को गुमराह,कृषि बिल से ही होगा किसानों के जीवन में उजाला: सांसद - Discovery Times

Discovery Times

RNI Registred No.-119642

Breaking

Home Top Ad

विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें +91 921-533-0006

Wednesday, October 7, 2020

कृषि कानूनों को लेकर बेवजह कर रहे है किसानों को गुमराह,कृषि बिल से ही होगा किसानों के जीवन में उजाला: सांसद

 कुरुक्षेत्र 6 अक्टूबर कुरुक्षेत्र लोकसभा सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अगर हरियाणा के किसानों के हितैषी है तो अपने जीजा राबर्ट वाड्रा के साथ हरियाणा का दौरान करना चाहिए था। इस दौरे के दौरान राहुल गांधी, भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा व अन्य नेता हरियाणा के किसानों को बेवजह कृषि कानूनों को लेकर गुमराह करने का प्रयास कर रहे है। अगर भूपेन्द्र सिंह हुड्डा और राबर्ट वाड्रा किसानों के सही मायनों में हितैषी तो हरियाणा के भोलेभाले किसानों की 9 हजार एकड़ जमीन हड़पने की क्या जररुत थी।

सांसद नायब सिंह सैनी मंगलवार को देर सायं सैक्टर 3 आवास कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। सांसद नायब सिंह सैनी ने राहुल गांधी के दौरे पर सवाल उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी घेरते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा, राहुल गांधी व रार्बट वाड्रा ने मिलकर हरियाणा के किसानों की 9 हजार से ज्यादा एकड़ जमीन को हड़पने का काम किया है। इस जमीन को लूटने के साथ किसानों को बेघकर काम किया है, हरियाणा दौरे के दौरान राहुल गांधी को इसका हिसाब देना चाहिए ताकि किसान कांग्रेस की असलियत को जान सकें। मगर कांग्रेस किसानों को गुमराह करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन कृषि कानूनों से किसानों की समृद्धता बढ़ेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुना करने का वर्ष 2022 में जो लक्ष्य निर्धारित किया है, कृषि कानून उसे पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे। अध्यादेशों से एमएसपी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। एमएसपी पहले की तरह रहेगी और मंडियों में खरीद भी सुचारू रूप से होगी। मंडी और एमएसपी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। किसानों के हित को ध्यान में रखकर कृषि अध्यादेश बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश की आजादी के बाद से किसानों को गुमराह किया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत 4400 करोड़ रुपये किसानों को वितरित किये गए हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1956 में संशोधन कर अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेलों, प्याज और आलू जैसी वस्तुओं को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटाने का फैसला किया गया है। इस फैसले से उत्पादन, भंडारण, ढुलाई और वितरण करने की आजादी से व्यापक स्तर पर उत्पादन करना संभव होगा। सिर्फ अकाल, प्राकृतिक आपदा, युद्ध और कीमतों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी जैसी हालात में ही इन कृषि उपजों की कीमतों को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ केन्द्र सरकार ने मूल्य आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा अध्यादेश 2020 को भी स्वीकृति दे दी है। यह अध्यादेश किसानों को शोषण के भय के बिना समानता के आधार पर सामानों की खरीद बिक्री की आजादी देगा। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों के लिए एक देश एक बाजार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केन्द्र सरकार के तीन अध्यादेशों के जरिए लाए गए इन कानूनों से किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिल सकेगा। देश में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले और वो देश में कहीं भी जाकर अपनी उपज बेच सके, इसके लिए केन्द्र सरकार ने अध्यादेशों पर मुहर लगा दी है।

उन्होंने कहा कि कृषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार (संवर्धन एवं सुविधा) अध्यादेश 2020 किसानों को उनकी उपज देश में किसी भी व्यक्ति या संस्था को बेचने की इजाजत देता है। अब यह सचमुच वन नेशन वन मार्केट होगा। किसान अपना प्रोडक्ट खेत में या व्यापारिक प्लेटफॉर्म पर देश में कहीं भी बेच सकते हैं इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है कि किसानों की आय को दौगुना की जाए। इस लक्ष्य को लेकर सरकार नीतियों को लागू कर रही है। इन नीतियों को हरियाणा प्रदेश में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेशानुसार अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इन नीतियों से किसानों को सीधा फायदा होगा और किसान अपनी इच्छा से किसी भी राज्य के अच्छे बाजारों में जहां उनकी फसल के उंचे दाम मिलते हो, वहां पर अपनी फसलों को बेचने में सक्षम होंगे। इस अवसर पर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष समय सिंह भाटीख् किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र संधू, विनीत बजाज, जिला मीडिया प्रभारी विनीत कवात्रा व सुरेंद्र माजरी आदि मौजूद थे।

No comments:

Post a Comment